सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगी 102 दिनों की अतिरिक्त छुट्टियां, राज्यसभा में हुई बड़ी घोषणा

सरकारी कर्मचारियों के हित में केंद्र सरकार ने एक अहम पहल करते हुए उन्हें कुल 102 दिनों की अतिरिक्त विशेष छुट्टियों की सौगात देने की घोषणा की है। इस निर्णय का उद्देश्य कर्मचारियों को उनके व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को सहजता से निभाने का अवसर देना है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि ये छुट्टियां नियमित अवकाशों से बिल्कुल अलग होंगी और कर्मचारी आवश्यकता अनुसार इनका उपयोग कर सकेंगे।

कर्मचारियों को मिलेंगी अलग-अलग श्रेणियों में अवकाश की सुविधा

सरकार की इस नई योजना के तहत कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के छुट्टियों का लाभ मिलेगा। इसमें सालाना 30 दिनों का अर्जित अवकाश (Earned Leave), 20 दिन का अर्धवेतन अवकाश (Half Pay Leave), 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी (Casual Leave) और 2 दिन का प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Holiday) शामिल है।

इसके अलावा, सरकार ने एक अनूठा निर्णय लिया है कि यदि कोई कर्मचारी अंगदान (Organ Donation) करता है, तो उसे 42 दिनों का विशेष अवकाश भी दिया जाएगा। यह कदम समाज में अंगदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास है।

राज्यसभा में दी गई थी छुट्टियों से जुड़ी जानकारी

राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्रीय सिविल सेवा नियमावली 1972 के तहत अब सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल या अन्य जरूरी कार्यों के लिए 30 दिनों का अर्जित अवकाश ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य निर्धारित छुट्टियों जैसे कि कैजुअल लीव और रिस्ट्रिक्टेड होलीडे का लाभ भी पूर्व की तरह जारी रहेगा।

अंगदान करने वालों को मिलेगा विशेष सम्मान और छुट्टी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी अंगदान करता है तो उसे अस्पताल में भर्ती होने की तारीख से 42 दिन की छुट्टी मिलेगी। यदि चिकित्सक आवश्यकता समझते हैं, तो यह अवकाश अंगदान से पहले भी प्रारंभ किया जा सकता है। यह सुविधा केवल सरकारी चिकित्सक की सिफारिश पर मान्य होगी।

सरकार का उद्देश्य – कर्मचारियों के जीवन में संतुलन और समाज सेवा को बढ़ावा

सरकार का यह फैसला न केवल कर्मचारियों की कार्यस्थल और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में सहायक है, बल्कि यह समाज सेवा जैसे कार्यों को भी प्रोत्साहित करता है। माता-पिता की सेवा, स्वास्थ्य से जुड़ी जिम्मेदारियां और अंगदान जैसे मानव सेवा कार्यों में अब सरकारी कर्मचारी अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। यह नीति सरकार की कर्मचारी-हितैषी सोच और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।