SSY Scheme 2025: बेटी के नाम पर खोलें अकाउंट और 21 की उम्र में पाएं ₹71 लाख तक की राशि

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), जो केंद्र सरकार की एक विशेष बचत योजना है, बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। इस योजना के तहत अब तक 4.1 करोड़ बेटियों को सीधा लाभ मिल चुका है। 2025 तक यह आंकड़ा और बढ़ता ही जा रहा है। योजना की खास बात यह है कि इसमें 8.2% सालाना ब्याज दिया जाता है, जो किसी भी सामान्य बचत स्कीम से कहीं बेहतर है। यदि आप इस योजना में नियमानुसार निवेश करते हैं, तो बेटी के 21 वर्ष का होते-होते ₹71 लाख तक की राशि प्राप्त की जा सकती है।

क्या है सुकन्या समृद्धि योजना का उद्देश्य?

इस स्कीम की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना बेटियों की शिक्षा, विवाह और भविष्य को सुरक्षित बनाने का एक माध्यम है। यह एक लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है, जहां सही तरीके से निवेश करने पर बड़ी पूंजी जुटाई जा सकती है।

कैसे मिलता है ब्याज और कितना बन सकता है फंड?

इस योजना में 8.2% की वार्षिक ब्याज दर मिलती है, जिससे आपका निवेश एक सुरक्षित और भारी रिटर्न में बदल जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई अभिभावक हर साल ₹1.5 लाख का निवेश 15 साल तक करता है, तो बेटी के 21 साल की उम्र में ₹71.8 लाख तक की राशि प्राप्त हो सकती है। इसमें आपके खुद के निवेश की राशि करीब ₹22.5 लाख होगी, जबकि ₹49 लाख से ज्यादा ब्याज के रूप में मिलेगा। अच्छी बात ये है कि यह पूरी राशि टैक्स फ्री होती है।

नए नियम: अब सिर्फ कानूनी अभिभावक ही चला सकेगा अकाउंट

हाल ही में इस योजना में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अगर किसी बच्ची का अकाउंट किसी गैर-कानूनी अभिभावक द्वारा खोला गया है, तो अब उसे ट्रांसफर करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर अकाउंट बंद किया जा सकता है। इसका उद्देश्य केवल कानूनी गार्जियन को ही वित्तीय नियंत्रण में रखना है।

SSY योजना में खाता कैसे खोलें?

यदि आप अपनी बेटी के नाम पर इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो निकटतम पोस्ट ऑफिस या मान्यता प्राप्त बैंक शाखा में जाकर खाता खुलवा सकते हैं। साथ ही, आपको बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, अभिभावक का पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ देना होता है।

सुकन्या समृद्धि योजना एक भरोसेमंद, सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प है जो बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में बेहद कारगर साबित हो रही है।